FD में टैक्स कैसे लगता है? जानिए नियम, बचाव और जरूरी फॉर्म — आसान हिंदी गाइड
FD (Fixed Deposit) में टैक्स के नियम — आसान भाषा में समझें परिचय : FD यानी Fixed Deposit एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश तरीका है जिसमें हम बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा करते हैं और उस पर ब्याज मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस FD से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स भी देना पड़ता है? आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं। 1 . FD से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है जब भी आपकी FD पर ब्याज मिलता है, वह आय (income) मानी जाती है और उस पर टैक्स लगता है। यह टैक्स आपकी कुल आय में जोड़कर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार तय होता है। 2. बैंक कैसे टैक्स काटता है? (TDS) अगर आपकी FD पर एक साल में ₹40,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) से ज्यादा ब्याज मिलता है, तो बैंक खुद ही उस पर 10% टैक्स काट लेता है। इसे TDS (Tax Deducted at Source) कहते हैं। > ⚠️ अगर आपने बैंक में अपना PAN नंबर नहीं दिया है तो बैंक 20% टैक्स काट सकता है। 3. क्या TDS कटने के बाद टैक्स देना जरूरी है? अगर आपकी टैक्स स्लैब 20% या 30% है, तो आपको TDS (10%) से बाकी टैक्स खुद भरना होगा जब आप ITR (Income Tax Return) भरते हैं...